सुप्रीम कोर्ट ने विवादित फैसले पर रोक लगाई हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न को बलात्कार की कोशिश न मानने का फैसला दिया था।
कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलेसुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट्स के कई फैसले महिलाओं के हक में मील का पत्थर बने।
बॉम्बे हाईकोर्ट का "त्वचा से त्वचा" वाला फैसला सुप्रीम कोर्ट ने पलटासुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यौन अपराध में "यौन नीयत" महत्वपूर्ण है, न कि त्वचा से संपर्क।
मैरिटल रेप को एमटीपी एक्ट के तहत शामिल किया गयाअब शादीशुदा महिलाओं के लिए भी गर्भपात के अधिकार को कानूनी मान्यता।
वर्जिनिटी टेस्ट को असंवैधानिक घोषित किया गयादिल्ली हाईकोर्ट ने इसे संविधान के अनुच्छेद 24 का उल्लंघन बताया।
बिना आधार डीएनए टेस्ट को सुप्रीम कोर्ट ने अनुचित करार दियाकेवल शक के आधार पर बच्चों का डीएनए टेस्ट नहीं किया जा सकता।
पति द्वारा किया गया बलात्कार भी अपराध माना गयाकर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, बलात्कार सिर्फ बाहरी व्यक्ति का नहीं होता।
महिला अधिकारों के लिए सिर्फ अदालतें क्यों आगे आ रही हैं?समाज, सरकार और सामाजिक संस्थाओं को भी कदम उठाने की जरूरत।